जयपुर , सितंबर 23 -- राजस्थान में निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की आरक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, न्यायसंगत और प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार से प्रदेशव्यापी यात्रा शुरू करेंगे।
बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री भाटी ने यहां एक बयान में बताया कि वह मांगों को व्यापक स्तर पर जनता और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए 25 सितंबर से प्रदेशभर में यात्रा शुरू करेंगे जिसके दौरान ईडब्ल्यूएस व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं, प्रस्तावित सुधारों और समान अवसर से संबंधित मांगों को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में संवाद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अवसर उपलब्ध कराना है और इसके लिए पात्रता एवं प्रमाण-पत्र की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो देश के अलग-अलग राज्यों की वास्तविक सामाजिक, कृषि एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे।
उन्होंने केंद्र सरकार से ईडब्ल्यूएस पात्रता एवं संपत्ति संबंधी वर्तमान मानदंडों की व्यापक समीक्षा करते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उद्देश्यपूर्ण और प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि देश की भौगोलिक, कृषि एवं आर्थिक परिस्थितियों में व्यापक विविधता है, ऐसे में ईडब्ल्यूएस पात्रता के लिए पूरे देश में एक समान संपत्ति संबंधी मानदंड कई राज्यों की जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप नहीं बैठते।
श्री भाटी ने स्थानीय स्तर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में स्थानीय स्तर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए उपयुक्त प्रतिनिधित्व की व्यवस्था किए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद 12 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ देशभर में लागू हुई थी। राजस्थान में फरवरी 2019 से सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। हालांकि समय-समय पर कुछ प्रक्रियात्मक सुधार किए गए हैं लेकिन केंद्र स्तर पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों से जुड़ी कई व्यावहारिक कठिनाइयां अभी भी बनी हुई हैं।
श्री भाटी ने कहा कि राजस्थान जैसे राज्यों में कृषि भूमि की उत्पादकता, सिंचाई की उपलब्धता और स्थानीय भूमि मूल्यों में व्यापक अंतर है। ऐसे में केवल भूमि के आकार को आर्थिक स्थिति का आधार मानना वास्तविक आर्थिक क्षमता का सटीक आकलन नहीं करता। उन्होंने मांग की कि ईडब्ल्यूएस पात्रता निर्धारित करते समय भूमि के आकार के साथ उसकी उत्पादकता, सिंचाई सुविधा, स्थानीय भूमि मूल्य और वास्तविक आर्थिक उपयोगिता जैसे कारकों को भी ध्यान में रखा जाये।
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