नागपुर , अक्टूबर 10 -- भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के लिए प्रतीकात्मक रूप से पूर्वजों से जुड़ी रस्में (पिंड दान) निभायी तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सद्इुद्धि देने की कामना की।
यह रस्म भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों ने शहर के वैरायटी स्क्वायर पर निभाई, जिसका नेतृत्व भाजपा के नागपुर शहर के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने 'पिंड दान' किया, जो हिंदू धर्म में मृत पूर्वजों के सम्मान और उनकी आत्मा की शांति के लिए की जाने वाली पारंपरिक रस्म है।
इस कदम के बारे में बताते हुए श्री तिवारी ने दावा किया कि सनातन धर्म के अनुसार, 'पितृ दोष' (पूर्वजों के कर्मों का असंतुलन) मानसिक अशांति का एक कारण हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और विदेश में श्री गांधी का व्यवहार और उनकी गतिविधियां ऐसी स्थिति को दर्शाती हैं और उन पर देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
श्री तिवारी ने कहा कि भाजयुमो ने तीनों पूर्व प्रधानमंत्रियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके 'पितृ शांति' की रस्में आयोजित कीं। उन्हें उम्मीद थी कि कथित 'पितृ दोष' दूर होने से श्री गांधी को सद्बुद्धि मिलेगी और वे देश के हित में अधिक रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे।
इस बीच कांग्रेस ने भाजपा की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पार्टी के शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडाधे ने विपक्ष के नेता के रूप में श्री गांधी की भूमिका का बचाव किया और उन्हें आम नागरिकों के लिए आवाज बताया। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को सत्ता में मौजूद लोगों से सवाल पूछने का अधिकार देता है और श्री गांधी संसद के अंदर और बाहर जनता की चिंताओं को उठाकर उस लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस नेता सरकार से सवाल करते हैं तो भाजपा घबरा जाती है।
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