जयपुर , अगस्त 27 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कथनी और करनी में फर्क होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह बड़े-बड़े मंचों से हरियाणा से यमुना का पानी पिलाने के बड़े-बड़े सपने दिखाती है लेकिन प्रदेश के जालोर शहरी क्षेत्र की जलापूर्ति के लिए स्वीकृत परियोजना के तहत 37 किलोमीटर की छोटी सी पाइपलाइन तक एक साल में नहीं बिछा पा रही है।
श्री गहलोत ने गुरुवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जालोर शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति दुरुस्त करने के लिए स्वीकृत अमृत-2 प्रोजेक्ट शुरुआती स्तर पर ही दम तोड़ चुका है। सैंतीस किलोमीटर नयी पाइपलाइन बिछाने का काम पिछले एक साल से बंद पड़ा है, एजेंसी ने सिर्फ 13 किलोमीटर काम करने के बाद भुगतान न होने के कारण हाथ खींच लिए, 25 किलोमीटर का काम अब भी बाकी है जिससे शहरवासी परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि यह वही भाजपा सरकार है जो बड़े-बड़े मंचों से हरियाणा से यमुना का पानी पिलाने के बड़े-बड़े सपने दिखाती है, लेकिन दूसरी तरफ राजस्थान के ही दूसरे इलाके में महज 37 किलोमीटर की छोटी सी पाइपलाइन तक एक साल में नहीं बिछा पा रही है। यही इनकी कथनी और करनी का असली फर्क है।
उन्होंने कहा कि 10.50 करोड़ रुपए स्वीकृत होने के बावजूद सिर्फ भुगतान अटकाकर पूरे प्रोजेक्ट को ठप कर देना, यह लापरवाही नहीं, प्रशासनिक निकम्मेपन की पराकाष्ठा है। सरकार को पानी के संकट से ग्रस्त इस इलाके में अविलंब यह काम पूरा करना चाहिए।
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