रायपुर , मई 26 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक पुरंदर मिश्रा से ऑनलाइन ठगी का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। एक ओर पुलिस अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी है, वहीं कांग्रेस ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा कथावाचकों को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खम्हारडीह थाना क्षेत्र में शातिर ठग ने भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का निजी सहायक (पीए) बनकर विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन किया। आरोपी ने खुद को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पीए बताते हुए कहा कि वह भुवनेश्वर जा रहा है और रास्ते में ड्राइवर से विवाद हो जाने के कारण परिवार मुसीबत में फंस गया है। उसने डीजल डलवाने के नाम पर तत्काल पैसों की जरूरत बताई।
बताया गया कि आरोपी ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें लगा रखी थीं, जिससे उस पर आसानी से भरोसा हो गया। पहले उसने 4,500 रुपये की मांग की, लेकिन विधायक पुरंदर मिश्रा ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के जरिए आरोपी के खाते में कुल 10 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिए। करीब डेढ़ घंटे बाद आरोपी ने दोबारा पैसे मांगे, जिसके बाद विधायक को संदेह हुआ। उन्होंने श्री नवीन के कार्यालय से संपर्क कर जानकारी ली, जहां पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति वहां कार्यरत नहीं है। इसके बाद सेवक नारायण मिश्रा की शिकायत पर खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक खाते के आधार पर जांच कर रही है।
घटना के बाद विधायक मिश्रा ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल या आर्थिक मदद की मांग पर तुरंत भरोसा न करें और पहले संबंधित व्यक्ति की पुष्टि अवश्य कर लें।
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