रायपुर , अक्टूबर 23 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विजयादशमी के अवसर पर साड़ी पहनकर शस्त्र पूजन के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में राजनांदगांव की आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा को भाजपा विधायक रिकेश सेन का समर्थन मिला है। विधायक ने इस मामले में आईजी अजय यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया पर आने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर नहीं, बल्कि अपने विवेक और सरकार की नीति के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए।

विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पूरे भारत देश में 100 से ज्यादा महिलाओं ने विजयादशमी के दिन शस्त्र की पूजा कर गोली चलाई। इन 100 महिलाओं में एक भी आईपीएस नहीं थी। कोई जिला पंचायत सीईओ थीं, कोई जिला कलेक्टर थी, कोई नगर निगम कमिश्नर थी, कोई एसडीएम थी, कोई अपर कलेक्टर थी। ये सब लोग भी साड़ी में ही थे, जिसका जीता जागता उधारण उज्जैन है।

रिकेश सेन ने कहा कि वह राजनांदगांव आईजी अजय यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में नकारात्मक कमेंट आने के कारण आईपीएस अंकिता शर्मा को नोटिस दिया गया।

इस पर आपत्ति जताते हुए विधायक ने कहा, "आईजी साहब सोशल मीडिया के हिसाब से पुलिस अगर चलेगी तो शायद स्मार्ट पुलिस बन पाना मुश्किल है। पुलिस को निर्णय अपने विवेक से अपनी सरकार की नीति से लेना पड़ता है।"भाजपा विधायक सेन ने अंकिता शर्मा के मामले में मीडिया कवरेज पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता शर्मा जी को जिस प्रकार से पूरा देश का मीडिया ट्रोल कर रहा है। इससे समझ आता है कि आज भी छत्तीसगढ़ को लेकर लोगों की मंशा ठीक नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया, "मेरा समर्थन मजबूती के साथ आईपीएस अंकिता शर्मा के साथ है।"इस मामले में श्री पंच दशानन जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर (पीठाधीश्वर) अवधेशानंद गिरी महाराज ने भी आईपीएस अंकिता शर्मा का समर्थन किया था । उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर उनके शस्त्र पूजन को नारी-शक्ति, सांस्कृतिक स्वाभिमान और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक आदर्श बताया था ।

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