तिरुवनंतपुरम , मई 26 -- केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य सरकार से सबरीमला आंदोलन के दौरान श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज किये गये सभी मामलों को वापस लेने और सबरीमाला स्वर्ण तस्करी मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से तुरंत जांच कराने का आदेश देने की मांग की।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को सौंपे पत्र में भाजपा विधायक राजीव चंद्रशेखर, वी मुरलीधरन और बीबी गोपकुमार ने कहा कि सबरीमला की रीति-रिवाजों और परंपराओं की रक्षा के लिए आंदोलन में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज मामलों को बिना शर्त वापस लिया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार पर आरोप भी लगाया कि कांग्रेस नीत यूडीएफ के पूर्व में विपक्ष में रहते हुए बार-बार की गयी मांगों के बावजूद स्वर्ण तस्करी मामले में सीबीआई जांच की घोषणा करने में देरी की जा रही है।

पत्रकारों से श्री वी मुरलीधरन ने कहा कि हालांकि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने नेता विपक्ष रहते सबरीमाला स्वर्ण तस्करी मामले की सीबीआई जांच की पुरजोर मांग की थी, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद कैबिनेट की दो बैठकों के हो जाने के बावजूद इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच की घोषणा में यह देरी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे के संबंध में पूरे केरल में 2,624 मामले दर्ज किये गये थे, जिनमें 29,119 लोगों को आरोपी बनाया गया था। उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार केवल 1,047 'कम-गंभीर' मामलों को वापस लेने पर विचार कर रही है। विधायकों ने तर्क दिया कि 'गंभीर' और 'कम-गंभीर' मामलों के बीच यह अंतर मनमाना और राजनीति प्रेरित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह वर्गीकरण पुलिस अधिकारियों के पिछली सरकार के हितों के अनुरूप किया गया था और इस कदम को श्रद्धालुओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया।

पत्र में कहा गया है कि न्याय तभी सुनिश्चित किया जा सकता है, जब इस आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को पूरी तरह और बिना शर्त के वापस लिया जाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि ऐसा न होने पर केरल की जनता यह निष्कर्ष निकालेगी कि सबरीमला मुद्दे पर पिछले आठ वर्षों में कांग्रेस के किये वादे भ्रामक थे।

भाजपा विधायकों ने कहा कि आम अय्यप्पा भक्त सबरीमला में सदियों पुराने रीति-रिवाजों और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रार्थना करते हुए सड़कों पर उतरे थे। उन्होंने दावा किया कि भक्तों की भावनाओं और आस्था को समझने के बजाय प्रशासन ने कथित तौर पर उन पर हजारों झूठे मामले थोप दिए। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि के बावजूद हजारों युवा और साधारण परिवारों के सदस्य इन मामलों के सिलसिले में आज भी अदालतों में पेश होने को मजबूर हैं।

सबरीमला स्वर्ण तस्करी मामले पर भाजपा नेताओं ने कथित साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में नामजद देवासोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों की गहन जांच की जानी चाहिए और दो पूर्व देवासोम मंत्रियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों की भी जांच होनी चाहिए।

भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के संबंधों की जांच की जानी चाहिए। इसमें सोनिया गांधी जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ उनके कथित संबंध भी शामिल हैं। उन्होंने इस मामले में उन कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच की भी मांग की, जिनका उच्च न्यायालय ने जिक्र किया था। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले को तुरंत सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया और कहा कि केवल स्वतंत्र और प्रभावी जांच ही यह सुनिश्चित कर सकती है कि सभी जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।

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