नयी दिल्ली , अक्टूबर 15 -- भाजपा महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों का हवाला देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
श्री अकोइजम इनर मणिपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर रह चुके हैं। जेएनयू की 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें की थीं जिसके बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने मामले की जांच की जिसमें आरोप सही पाए जाने के बाद जेएनयू ने गत नौ अक्टूबर को उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
भाजपा की महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में महिला मोर्चा की प्रभारी एवं सांसद डी. पुरंदेश्वरी, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी, बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत, एस. फांगनोन कोन्याक, संध्या राय और अपराजिता सारंगी सहित अन्य महिला सांसद शामिल थीं।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने श्री बिरला से मुलाकात के बाद कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में चुप्पी साधने की बजाय कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा से सवाल किया कि महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्ता के खिलाफ आवाज उठाने वाले इस मामले पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ शिकायत की थी और जांच के बाद उन्हें विश्वविद्यालय आरोपों को सही पाया था।
श्रीमती पुरंदेश्वरी ने भी कांग्रेस की महिला अधिकारों से जुड़ी राजनीति पर सवाल उठाते हुए श्रीमती वाड्रा के नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का उल्लेख किया और पूछा कि इस मामले में पार्टी ने क्या कदम उठाए हैं।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि मामले में शिकायत करने वाली छात्राओं की सुरक्षा और उन्हें न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने छात्राओं के समर्थन में आवाज नहीं उठाई।
उन्होंने कहा कि भाजपा शिकायतकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
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