देहरादून , अप्रैल 20 -- उत्तराखंड राज्य में सोमवार से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा ने जिला एवं मंडल स्तर तक महिला आरक्षण मामले में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के नकारात्मक रवैये के खिलाफ महाआक्रोश अभियान शुरू किया है जो 30 अप्रैल तक चलेगा।
इस अभियान के तहत महिला कार्यकर्ता पदयात्रा कर महिला आरक्षण पर विपक्ष के नकारात्मक गैरज़िम्मेदाराना व्यवहार के बारे में विस्तार से बताएंगी।
देहरादून में पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट ने आज बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के नकारात्मक और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा प्रहार किया है। इसी के विरोध में राज्य में व्यापक स्तर पर महिला जन आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह ऐतिहासिक अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन विपक्ष ने अपनी संकीर्ण राजनीति के कारण इसका विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई है, जिससे देशभर की महिलाओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
श्रीमती भट्ट ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत आज से 23 अप्रैल तक प्रदेशभर में जन आक्रोश पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें हजारों महिलाएं भाग लेंगी और कांग्रेस के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगी।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही 22 से 30 अप्रैल तक जिला एवं मंडल स्तर पर महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए विपक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 से 25 अप्रैल के बीच प्रदेश एवं जिला स्तर पर प्रेस वार्ताओं का आयोजन कर कांग्रेस के नकारत्मक दृष्टिकोण को तथ्यों सहित उजागर किया जाएगा।
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