प्रयागराज , मई 10 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार को महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाल कर कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण के घर का घेराव किया।
प्रदर्शनकारी महिलाएं कांग्रेस सांसद के आवास के मुख्य द्वार के सामने बैठ गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान करीब 100 की संख्या में मौजूद महिलाओं ने सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने "उज्जवल रमण हाय-हाय", "रेवती रमण हाय-हाय" और "महिला आरक्षण बिल पास करो" जैसे नारे लगाए। उनके हाथों में बैनर और तख्तियां भी थीं, जिनके जरिए उन्होंने बिल के समर्थन में अपनी मांग दोहराई।
महिला कार्यकर्ताओं का कहना था कि संसद में महिला सशक्तिकरण के लिए लाया गया यह बिल बेहद जरूरी है और इसका विरोध महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। सपा और कांग्रेस ने मिलकर इस बिल को विफल करने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगी।
महिला उपाध्यक्ष शोभा द्विवेदी ने कहा कि लोकसभा में बिल पेश किया था, लेकिन उसको रद्द करने के लिए जिन विपक्षियों में नाम गए हैं, उनमें एक हमारे सांसद का भी नाम है। यह विपक्ष के होने के नाते और कांग्रेसी नेता होने के नाते इन्होंने भी अपना हस्ताक्षर किया है। ऐसा अधिकार किसी को नहीं है जो महिला अधिकारों को रोक सकता है। अगर इन्होंने महिलाओं के साथ ऐसा अन्याय किया है, तो यह गलत है। और यही कारण है कि आज हम इनके घर के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को घर के कोने-कोने से निकालकर उन्हें सम्मान और अधिकार दिलाने का काम किया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का मुख्य आक्रोश 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल को लेकर था। बीना मिश्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस महत्वपूर्ण बिल को विपक्ष ने एकजुट होकर बाधित किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की इसी 'महिला विरोधी' मानसिकता के कारण उन्हें सांसद के घर का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के हितों की अनदेखी की गई, तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
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