शिमला , अगस्त 17 -- हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सोमवार को सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर नौकरी देने के अपने वादे पूरे करने में नाकाम रहने और लोगों पर अधिक टैक्स, महंगाई और बढ़ते कर्ज का बोझ डालने का आरोप लगाया।
श्री बिंंदल ने भाजपा के राज्य मुख्यालय 'दीपकमल' में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार के अवसर देने का वादा किया था लेकिन सरकार के कार्यकाल के लगभग चार साल बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं और बेरोजगार युवा भर्ती परीक्षाओं का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही एक लाख सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया शुरू करने का वादा किया था और लगभग 87,000 खाली पदों का जिक्र करने के साथ-साथ 33,000 अतिरिक्त पद बनाने का भी वादा किया था।
श्री बिंदल ने कहा, "कांग्रेस ने एक लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था लेकिन आज बड़ी संख्या में पद खाली हैं, विभागों में कर्मचारियों की कमी है और बेरोजगार युवा पुस्तकालय में बैठकर परीक्षाओं की तैयारी में सालों बिता चुके हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि कई भर्ती प्रक्रियाएं आगे नहीं बढ़ पाईं और बिना लिखित परीक्षा या साक्षात्कार के की गई नियुक्तियों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को चयन प्रक्रिया और विभिन्न विभागों व संस्थानों में की गई ऐसी नियुक्तियों की संख्या का खुलासा करना चाहिए।
श्री बिंदल ने पेट्रोल और डीजल पर हाल ही में लगाए गए 60 पैसे प्रति लीटर उपकर को लेकर सरकार की आलोचना की और दावा किया कि सरकार के कार्यकाल के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों पर अधिक टैक्स और कीमतों के कारण लोगों पर लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने सीमेंट, बिजली, पानी, सार्वजनिक परिवहन और स्टाम्प ड्यूटी की बढ़ी हुई कीमतों के कारण आम लोगों पर बोझ बढने का आरोप लगाया।
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