सिरसा , जुलाई 12 -- हरियाणा के सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने वर्षों तक जनता से बड़े-बड़े वादे किए लेकिन उनमें से अधिकांश पूरे होने के बजाय राजनीतिक जुमले साबित हुए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार जवाबदेही तय करे और जनता की आस्था, मेहनत की कमाई तथा देश के भविष्य से जुड़े हर मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने, हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये देने और वर्ष 2022 तक सभी को पक्का घर उपलब्ध कराने जैसे वादे आज भी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब वादों और हकीकत के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से देख रही है। नोटबंदी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसे भ्रष्टाचार, काले धन और नकली नोटों के खिलाफ बड़ा कदम बताया गया था लेकिन इसके बाद भी आम लोगों, छोटे व्यापारियों और मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस का मानना है कि नोटबंदी के घोषित उद्देश्यों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
हाल के अंतरराष्ट्रीय तनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार की जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा, समयबद्ध सहायता और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय विवादों पर सांसद सैलजा ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के आधार पर दान दिया है, इसलिए यदि किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भगवान राम, सनातन परंपरा और देशवासियों की धार्मिक आस्था का सम्मान करती है। पार्टी का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं, बल्कि जनता के धन और आस्था से जुड़े हर प्रश्न का सत्य सामने लाना है।
उन्होंने मांग की कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई संदेह न रहे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही, पारदर्शिता और जनता के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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