हैदराबाद , अप्रैल 18 -- तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंदर राव को शनिवार को घर में नजर बंद किए जाने का विरोध करते हुए इसे ''विरोध को दबाने'' का आरोप लगाया।

पुलिस ने आज श्री राव को मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के आवास की ओर जाकर विरोध प्रदर्शन करने से रोकते हुए उन्हें घर में नजरबंद कर कर दिया।

भाजपा ने इस कदम की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह ''विरोध को दबाने'' और राजनीतिक असहमति पर रोक लगाने जैसा है। भाजपा ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद पार्टी नेताओं द्वारा संसद में महिला आरक्षण विधेयक के कांग्रेस पार्टी के विरोध की निंदा करने के लिए मुख्यमंत्री के घर तक होने वाले विरोध मार्च को रोकना था।

श्री राव के घर पर आज सुबह से ही भारी पुलिस तैनात कर दी गई है, जिससे उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

श्री राव ने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस की आलोचना की और उस पर संसद और सड़कों दोनों पर असहमति को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ''परिवार-केंद्रित'' रवैया अपनाती है और महिला सशक्तिकरण के प्रति उसके प्रतिबद्वता पर सवाल उठाया।

भाजपा नेता ने कांग्रेस पर ''दोहरे मापदंड'' अपनाने का भी आरोप लगाते हुए दावा किया कि पहले उसने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था, लेकिन उसका मौजूदा रुख राजनीति में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी को मुमकिन बनाने में हिचकिचाहट दिखाता है। उन्होंने क्षेत्रीय असंतुलन और दूसरे फ़ॉर्मूले से जुड़ी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी बातों का मकसद महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग से ध्यान हटाना है।

श्री राव ने अपने घर पर नजरबंदी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्थिति की तुलना आपातकाल (भारत 1975-1977) के समय से की और आरोप लगाया कि तेलंगाना में लोकतांत्रिक अधिकारों को कम किया जा रहा है। उन्होंने राज्य की महिलाओं से इन घटनाक्रमों पर ध्यान देने की अपील की और कहा कि पार्टी पाबंदियों के बावजूद महिला सशक्तिकरण की अपनी कोशिशें जारी रखेगी।

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