सिद्दिपेट , जून 11 -- तेलंगाना प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने गुरुवार को कांग्रेस, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) तथा एआईएमआईएम पर मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की जाने वाली एक संवैधानिक प्रक्रिया है, न कि भाजपा का कोई कार्यक्रम।

श्री राव ने यहां पत्रकारों से कहा कि एसआईआर का मकसद "एक व्यक्ति, एक वोट" के सिद्धांत को बनाए रखने के लिए मतदाता सूची से मृत मतदाताओं, दोहरे नामों और अवैध नामों को हटाना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार बड़े पैमाने पर सुधार 2002 में किया गया था और कहा कि सूची से किसी भी असली वोटर का नाम नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस और एआईएमआईएम, बीएलए और हेल्प डेस्क के ज़रिए सुधार प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं, वहीं वे गलत प्रचार करके मतदाताओं के मन में डर भी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि मतदाता सूची तैयार करने तथा उसमें सुधार करने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ निर्वाचन आयोग की है जबकि वोटरों को हटाने में न तो भाजपा की और न ही केंद्र सरकार की कोई भूमिका है।

कांग्रेस, बीआरएस , एआईएमआईएम और इंडिया गठबंधन की दूसरी पार्टियों पर वोट-बैंक की राजनीति के लिए इस प्रक्रिया का विरोध करने का आरोप लगाते हुए, उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर तो ईवीएम और चुनावी प्रक्रियाओं को मान लेती है, लेकिन हारने पर उन पर शक क्यों करती है।

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कई राष्ट्रीय मुद्दों पर कांग्रेस और बीआरएस का रुख एक जैसा रहा है। उन्होंने तेलंगाना में किसानों की परेशानी दूर करने, कल्याणकारी योजनाओं को ठीक से लागू करने और जनता की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रहने के लिए दोनों पार्टियों की आलोचना की।

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