नयी दिल्ली , फरवरी 26 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर 10 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाते हुये मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

पार्टी के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुये दावा किया कि राज्य में पिछले कई वर्षों में सुनियोजित तरीके से हजारों करोड़ रुपये के घोटाले हुए हैं।

श्री सिन्हा ने कहा कि हाल ही में झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के संज्ञान में एक पत्र आया, जिसमें लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के उपयोग का स्पष्ट हिसाब नहीं होने की बात कही गयी है। उन्होंने कहा कि यह पत्र इंडिया गठबंधन के नेता रामेश्वर उरांव द्वारा लिखा गया था, जो हेमंत सोरेन की पिछली सरकार में वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लिखे गए इस पत्र में कथित रूप से मांग की गई थी कि राशि की जांच कराई जाए, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई या जवाब सामने नहीं आया।

श्री सिन्हा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के बाद से राज्य में शराब घोटाला, भूमि घोटाला और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह 2016 में खनन क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए 'डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी)' के तहत एक फंड की व्यवस्था की गई थी, जिसमें खनन पट्टाधारकों को अपनी रॉयल्टी का हिस्सा जमा करना अनिवार्य था। इसी मामले में सिर्फ बोकारो जिले में ही लगभग 500 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है।

श्री सिन्हा ने कहा कि भाजपा ने राज्य सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उनका आरोप था कि यदि केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाती तो सरकार की भूमिका उजागर हो सकती थी।

श्री सिन्हा ने कहा कि जनता दल (यू ) के वरिष्ठ नेता सरयू राय ने सावधि जमा धन (फिक्स डिपॉजिट) की अवधि पूरी होने के बाद धनराशि का सही हिसाब नहीं मिलने का मामला उठाया था। उन्होंने दावा किया कि यह सब एक सुनियोजित वित्तीय साजिश का हिस्सा था।

श्री सिन्हा ने पुलिस प्रशासन में नियुक्तियों को लेकर भी झारखंड सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में डीजीपी नियुक्ति से जुड़े एक मामले में मनमानी पर टिप्पणी की थी और उसी निर्णय के संदर्भ में झारखंड में भी नियुक्तियों में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। उन्होंने झारखंड में नियुक्त डीजीपी अनुराग श्रीवास्तव पर कोयला माफिया से कथित संबंधों का आरोप लगाया और कहा कि नियमों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गईं।

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