बेंगलुरु , जनवरी 20 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के प्रवक्ता अश्वथ नारायण ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रामचंद्र राव से जुड़े विवाद में राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
श्री नारायण ने कार्यालय में महिलाओं के साथ अनुचित यौन व्यावहार करते हुए डीजीपी की वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना ने पुलिस विभाग पर गृह मंत्री के नियंत्रण के पूरी तरह खत्म होने की पोल खोल दी है। उन्होंने तर्क दिया कि उच्च स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही के बिना ऐसी घटना नहीं हो सकती थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "जब रामचंद्र राव जैसा वरिष्ठ अधिकारी आधिकारिक परिसर के भीतर इस तरह का व्यवहार करता है, तो यह न केवल व्यक्तिगत कदाचार है बल्कि व्यवस्था की विफलता को भी दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि गृह विभाग पूरी तरह से निष्क्रिय और दिशाहीन हो गया है।
श्री नारायण ने आरोप लगाया कि पुलिस बल के भीतर जवाबदेही पूरी तरह खत्म हो गई है और अधिकारी अब अनुशासनात्मक कार्रवाई के डर के बिना काम कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर पुलिस विभाग को 'रियल एस्टेट ऑफिस' जैसी कार्यशैली में बदलने का आरोप लगाया और कहा कि यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी से कोसों दूर है।
भाजपा नेता ने सरकार पर 'सीडी राजनीति' की संस्कृति चलाने का भी आरोप लगाया, जहां कथित तौर पर रिकॉर्डिंग का उपयोग अधिकारियों को डराने, इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने और विरोध को दबाने के लिए किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि रामचंद्र राव का मामला डर, ब्लैकमेल और राजनीतिक हेरफेर से प्रेरित शासन के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है।
श्री नारायण ने इस विवाद को व्यापक प्रशासनिक विफलताओं से जोड़ते हुए कहा कि सभी विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जुड़े 'मुडा' मामले और आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं सहित चल रही जांचों की ओर भी इशारा किया।
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