आइजोल , जुलाई 19 -- भारतीय जनता पार्टी की मिजोरम इकाई ने कांग्रेस के उस फ़ैसले की आलोचना की है, जिसमें उसने केंद्र सरकार द्वारा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में मंगलवार को राज्य में काला दिवस मनाने की घोषणा की है।
भाजपा ने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने और राजनीतिक फ़ायदे के लिए धार्मिक भावनाओं का फ़ायदा उठाने का आरोप लगाया है।
यहां पार्टी के राज्य मुख्यालय 'अटल भवन' में रविवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के राज्य महासचिव डेल्सन नोटलिया ने कहा कि कांग्रेस का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन अनुचित है। उन्होंने इसकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की बरसी पर भाजपा द्वारा मनाए जाने वाले काला दिवस से की।
श्री नोटलिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चर्चों और सिविल सोसाइटी संगठनों की चिंताओं का हवाला देकर प्रस्तावित एफसीआरए संशोधनों का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि एफसीआरए को खुद कांग्रेस सरकार ने 1976 में लागू किया था और बाद में 2010 में उसी पार्टी ने इसे रद्द करके इसकी जगह नया कानून बनाया था।
उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने कई संगठनों द्वारा विदेशी फंड के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की पहचान करने के बाद कानून में संशोधन करने का फैसला किया। इनमें ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनमें कथित रूप से योगदान आतंकी समूहों का समर्थन करने वाली गतिविधियों से जुड़े हैं।
उन्होंने दावा किया कि एफसीआरए के नियमों का उल्लंघन करने के कारण हिंदू, मुस्लिम और ईसाई संगठनों समेत अलग-अलग धार्मिक समुदायों के 22,498 एनजीओ का पंजीयन रद्द कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अभी इस कानून के तहत 14,455 एनजीओ पंजीकृत हैं और जो एनजीओ इसके नियमों का पालन कर रहे हैं उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि वह देश के कुछ हिस्सों में ईसाइयों पर हुए हमलों की खबरों का इस्तेमाल जनता का समर्थन फिर से प्राप्त करने के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवा मतदाताओं के ऐसे दावों से प्रभावित होने की संभावना कम है क्योंकि वे ऑनलाइन तथ्य की जांच कर जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।
श्री नोटलिया ने आगे कहा कि ईसाई-बहुल राज्य मिज़ोरम को भारत का हिस्सा होने के कारण धार्मिक आज़ादी मिली हुई है। उन्होंने कहा कि इस राज्य के लोग खुशकिस्मत हैं कि वे चीन, पाकिस्तान, म्यांमार या बंगलादेश जैसे पड़ोसी देशों के बजाय भारत का हिस्सा हैं।
मिजोरम कांग्रेस ने केंद्र द्वारा एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ 'काला दिवस' विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है उनका कहना है कि ये बदलाव चर्चों एवं विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले स्वयंसेवी संगठन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित