अमृतसर , मई 10 -- पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने रविवार को आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ "इंकलाब जिंदाबाद" के नारे के साथ सत्ता में आई पार्टी आज अपने ही भ्रष्ट मंत्रियों और विधायकों को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर गुंडागर्दी कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे साफ हो गया है कि पार्टी के संस्थापक सिद्धांत केवल राजनीतिक जुमले थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीसरी छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया, लेकिन जवाबदेही निभाने के बजाय आम आदमी पार्टी ने पंजाब भर में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

प्रो. ख्याला ने भाजपा कार्यालयों में घुसकर कथित तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि बलाचौर में आप विधायक सुखविंदर सुख्खी द्वारा पुलिस की मौजूदगी में भाजपा जिला प्रधान से मारपीट करना नैतिक पतन का उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा पंजाब को ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल जैसा राजनीतिक हिंसा का केंद्र नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध सबका अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने पंजाब पुलिस से दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को बदले की राजनीति बताने के बजाय आप सरकार को अपने नेताओं और मंत्रियों से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया छापेमारियों में अवैध धन बरामद हुआ और कई मामलों में आप नेताओं के करीबी लोगों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सिस्टम बदलने का वादा किया था, लेकिन पंजाब में कुछ नहीं बदला। उल्टा पंजाब के संसाधनों का इस्तेमाल बाहरी राजनीतिक हितों के लिए किया गया और मुख्यमंत्री भगवंत मान मूकदर्शक बने रहे।

प्रो. ख्याला ने कहा कि पंजाब में नशे का संकट, गैंगस्टर गतिविधियों का बढ़ना, टारगेट किलिंग, जबरन वसूली और जेलों से संचालित अपराधों ने जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों ने भी सरकार की प्रशासनिक विफलता उजागर कर दी है।

प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पत्रकारों और निगरानी समूहों पर मानहानि नोटिस, एफआईआर और अन्य कानूनी हथकंडों के जरिए दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। प्रो. ख्याला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और पंजाब की जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।

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