बल्लारी , सितंबर 04 -- कर्नाटक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेन्द्र येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा-जेडीएस की पदयात्रा गुरुवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गयी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने बल्लारी में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण करने की योजना को मंजूरी देकर राजनीतिक बढ़त हासिल करने का प्रयास किया है।
इस कदम ने विपक्ष के अभियान को वाल्मीकि समुदाय की लंबे समय से लंबित मांगों पर एक नये राजनीतिक मुकाबले में बदल दिया है। कांग्रेस ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब भाजपा-जेडीएस गठबंधन राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने और उसके खिलाफ जनसमर्थन जुटाने के लिए बल्लारी क्षेत्र में पदयात्रा निकाल रहा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल ने बल्लारी में वाल्मीकि प्रतिमा के अनावरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इसका उद्घाटन कर सकते हैं।
यह प्रतिमा बल्लारी के लोगों और वाल्मीकि समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग रही है। इस मुद्दे ने पहले भी क्षेत्र में काफी राजनीतिक घमासान पैदा किया था, जिससे चल रही भाजपा-जेडीएस पदयात्रा के बीच सरकार का यह फैसला विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
श्री विजयेन्द्र के नेतृत्व में भाजपा-जेडीएस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को लगभग 22 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अपनी यात्रा जारी रखी। वहीं, कांग्रेस के इस फैसले ने सत्ताधारी दल को उस जिले में जवाबी माहौल बनाने का मौका दे दिया है, जहां विपक्ष सरकार को रक्षात्मक स्थिति में लाने की कोशिश कर रहा था।
भाजपा-जेडीएस की पदयात्रा कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करने और राज्य के घटनाक्रमों की ओर जनता का ध्यान खींचने के घोषित उद्देश्य से शुरू की गयी थी। कांग्रेस अब वाल्मीकि समुदाय की आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर और प्रतिमा परियोजना को वर्षों पुरानी मांग के पूरा होने के रूप में पेश कर विपक्षी अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
इन प्रतिस्पर्धी राजनीतिक कार्यक्रमों ने बल्लारी को सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के बीच एक नये सियासी मैदान में बदल दिया है, जहां दोनों पक्ष क्षेत्र के मतदाताओं के बीच अपना प्रभाव बनाने की कोशिश में जुटे हैं।
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