बेंगलुरु , मई 04 -- कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने सोमवार को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि पार्टी को बागलकोट उपचुनाव में हार की उम्मीद नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया।

यहां भाजपा के राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, श्री विजयेंद्र ने तीनों राज्यों के परिणामों को एक बड़ा राजनीतिक संदेश बताया और कहा कि इस जीत ने राष्ट्रीय स्तर पर श्री मोदी के नेतृत्व में नई ताकत का संचार किया है।

उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल, असम एवं पुडुचेरी में भाजपा की जीत ने मोदी जी के नेतृत्व को मजबूत किया है। यह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पहला चुनाव था और इसने एक सशक्त संदेश दिया है।"श्री विजयेंद्र ने जीत का श्रेय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देते हुए उन्हें "चुनावों का चाणक्य" कहा और उनकी चुनावी रणनीति की प्रशंसा की।

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने दशकों तक निरंतर उत्पीड़न सहा है और अब निरंतर संघर्ष के माध्यम से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता प्राप्त की है।

कर्नाटक उपचुनाव पर श्री विजयेंद्र ने स्वीकार किया कि बागलकोट के नतीजों से भाजपा हैरान है जहां भगवा पार्टी के आक्रामक अभियान के बावजूद कांग्रेस ने सीट बरकरार रखी। उन्होंने कहा, "हमें बागलकोट में हार की उम्मीद नहीं थी। हालांकि कांग्रेस पहले वहां जीत चुकी थ लेकिन हमें विश्वास था कि इस बार मतदाता भाजपा का समर्थन करेंगे।"उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया कई मंत्रिमंडल मंत्रियों के साथ लगभग 15 दिनों तक बागलकोट में डेरा डाले हुए थे जो इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने चुनाव कितनी तीव्रता के साथ लड़ा था।

उन्होंने कहा कि फिर भी हमें जीत का पूरा भरोसा था। लेकिन हम स्वीकार करते हैं कि बागलकोट में हमें झटका लगा है। श्री विजयेंद्र ने जाेर देकर कहा कि इस परिणाम को कर्नाटक में कांग्रेस के पक्ष में व्यापक राजनीतिक बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "कर्नाटक में कांग्रेस ने उपचुनाव जीत लिया है सिर्फ इसलिए यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उसके पक्ष में लहर चल रही है।" उन्होंने आगे कहा कि भाजपा नेतृत्व जल्द ही स्थानीय नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा करेगा ताकि हार के कारणों का विश्लेषण किया जा सके एवं सुधारात्मक संगठनात्मक रणनीतियां तैयार की जा सकें।

श्री विजयेंद्र ने हार के बावजूद पार्टी की एकता की बात करते हुए कहा कि बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण दोनों क्षेत्रों में भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिना किसी गुटबाजी के पूर्ण समन्वय के साथ काम किया है।

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