मुंबई , अगस्त 11 -- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तंज कसते हुए कहा है कि उनमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति 'अचानक प्रेम जागा' है।

यहां कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री सपकाल ने भाजपा और आरएसएस के वैचारिक इतिहास पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि यह काफी हास्यास्पद है कि जिस संगठन के मुख्य मुख्यालय पर कभी राष्ट्रध्वज नहीं फहराया गया, उसकी मातृ संस्था से जुड़े लोग अब अचानक 'तिरंगा यात्रा' निकाल रहे हैं।

भाजपा और महायुति गठबंधन के राज्यव्यापी दौरों पर कटाक्ष करते हुए श्री सपकाल ने कहा कि जिस संगठन और पार्टी का देश के स्वतंत्रता संग्राम में शून्य योगदान रहा और जिनका राष्ट्रीय बलिदानों का कोई इतिहास नहीं है, वे अब तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देर आये दुरुस्त आये। कांग्रेस इस देर से आयी सद्बुद्धि का स्वागत करती है, बशर्ते इसके पीछे कोई राजनीतिक स्वार्थ या चुनावी हथकंडा न छिपा हो।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई मुलाकात पर श्री सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन परिसीमन कानून ऐसा नहीं होना चाहिए, जो देश के लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ऐसे किसी भी पुनर्गठन का कड़ा विरोध करेगी जो देश के संघीय प्रतिनिधित्व को कमजोर करे या संविधान को नुकसान पहुंचाये।

शिवसेना (उद्धव) के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर महाविकास अघाड़ी और 2014 के चुनावी झटकों को लेकर लगाये गये आरोपों का खंडन करते हुए श्री सपकाल ने अपने वरिष्ठ सहयोगी का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने श्री चव्हाण के कार्यकाल की सराहना करते हुए उसे पारदर्शी, स्वच्छ और पूरी तरह से महाराष्ट्र के जनहित को समर्पित शासन बताया।

भाजपा पर जाति और समुदाय के आधार पर 'बांटो और राज करो' की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए श्री सपकाल ने नियमित जनगणना प्रक्रिया में केवल एक अतिरिक्त कॉलम जोड़कर तुरंत राष्ट्रव्यापी जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि मौजूदा आरक्षण गतिरोध को समाप्त करने का यही एकमात्र निश्चित और स्थायी समाधान है। इसके साथ ही संसद के बाहर झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा द्वारा किये जा रहे प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए श्री सपकाल ने कहा कि जब जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठियां और गोलियां बरसायी जा रही थीं, तब सत्ताधारी दल पूरी तरह खामोश था, जिससे उनका दोहरा रवैया पूरी तरह उजागर हो गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित