रांची , अक्टूबर 22 -- झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता कैलाश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित वोट चोरी, बेरोजगारी, महंगाई और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है।

श्री यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का आंदोलन आगे और तेज होगा।

श्री यादव ने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए देश में लगभग 13 करोड़ 37 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोट चोरी, चंदा चोरी, सत्ता के दुरुपयोग, पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और कथित तानाशाही जैसे मुद्दों पर विपक्ष के आंदोलन से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) असहज हैं।

श्री यादव ने दशहरा के अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशों में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शनों को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं के बीच भारत में भी लोकतांत्रिक अधिकारों और जन आंदोलनों पर चर्चा जरूरी है।

श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों की आलोचना करना और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब संबंधित संस्थाओं को देना चाहिए, लेकिन चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर भाजपा के नेता और केंद्र सरकार के मंत्री बचाव में बयान दे रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए दमनकारी तरीके अपना रही है। यादव ने कहा कि जन आंदोलनों और सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तथा कथित रूप से बल प्रयोग किए जाने से लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

राजद प्रवक्ता ने भाजपा के प्रस्तावित 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर और अन्य मुद्दों पर विपक्ष को मिल रहे समर्थन से भाजपा दबाव में है और यह कार्यक्रम जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने की कोशिश है।

श्री यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, असुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

श्री यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी मतदाता सूची पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर जनसमर्थन बढ़ने के साथ आंदोलन और तेज किया जाएगा।

हालांकि, एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आंकड़े और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर संबंधित आधिकारिक पक्ष का जवाब इस बयान में शामिल नहीं है।

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