लखनऊ , अक्टूबर 15 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर मिलीभगत कर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के पीडीए प्रहरियों ने अब तक प्रदेश में 19 लाख 20 हजार 732 कथित फर्जी मतदाताओं की पहचान की है। अखिलेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है।

गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने 'समाजवादी ईसीआई ऑडिट-1' पुस्तिका जारी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उनके मुताबिक, भाजपा कमजोर पड़ने पर चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है और आयोग उसके इशारे पर काम कर रहा है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद भी मतदाता सूची में बड़ी संख्या में फर्जी नाम मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान भरे गए 87 लाख 56 हजार फार्म-6 में से चुनाव आयोग ने 71 लाख 38 हजार की जानकारी सार्वजनिक की, जबकि 16 लाख 18 हजार नए मतदाताओं के फार्म की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

उन्होंने दावा किया कि पीडीए प्रहरी इन मामलों की जांच कर रहे हैं और इसके अतिरिक्त तीन लाख से अधिक संदिग्ध मतदाताओं की पहचान की गई है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश के प्रत्येक जिले और विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं, विधायकों, सांसदों और कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर मौजूद रहकर नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने तथा संदिग्ध नामों पर नजर रखने की अपील की।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि लोनी में 15,150, साहिबाबाद में 13,903, महरौनी में 12,669, दादरी में 12,556, जखनियां में 12,144, छपरौली में 11,574, मोदीनगर में 10,913, फरेंदा में 10,282 और नकुड़ में 10,272 संदिग्ध मतदाताओं की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने एक ही नाम से कई वोट होने का आरोप लगाया।

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर मतदाता सूची में कथित फर्जी नाम जुड़वाने, विपक्षी मतदाताओं के नाम कटवाने, मतदान के दौरान मतदाताओं को डराने और मतगणना में गड़बड़ी करने जैसे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज न हो।

अखिलेश ने आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि इससे कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में भाजपा की हार की संभावना होती है, वहां चुनावी धांधली की जाती है।

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