नागपुर , जुलाई 11 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन संगठनों का एकमात्र धर्म पैसा है।
श्री शर्मा ने आज यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अयोध्या के राम मंदिर को करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि देशभर के लोगों ने एक भव्य मंदिर देखने की उम्मीद में इसके निर्माण में आर्थिक योगदान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप सामने आए हैं कि चढावे के रूप में भक्तों के हजारों करोड़ रुपये और सामग्री गायब हो गयी है।
उन्होंने 'राम मंदिर घोटाले' की तैयारी मंदिर के निर्माण से पहले ही शुरू हो जाने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को बहाल किया गया था। उन्होंने कहा, "मंदिर के 15 ट्रस्टियों में से 12 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नियुक्त किया था। पहले ट्रस्ट का हिस्सा शंकराचार्य भी थे लेकिन उन्हें हटा दिया गया।"उन्होंने मंदिर क्षेत्र के आसपास जमीन के लेन-देन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि जमीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये में खरीदी गयी जमीन को बाद में 18 करोड़ रुपये में हासिल किया गया, जबकि पांच करोड़ रुपये की जमीन 55 करोड़ रुपये में बेची गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक बड़ी लूट है जिसमें भाजपा और आरएसएस के लोग शामिल हैं।"कांग्रेस नेता ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ लोगों के इस मामले में आरोपी होने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की जांच का मकसद भाजपा और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं को बचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन उन्हें पुलिस हिरासत में नहीं लिया गया है। इसके बजाय पुलिस जेल में उनसे मिलकर जानकारी जुटा रही है और 50 लाख रुपये नकद जब्त किये गये हैं लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस पूछताछ करे, तो और जानकारी सामने आयेगी , लेकिन सरकार ऐसा नहीं चाहती।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित