पटना , अगस्त 12 -- िहार में ढांचागत विकास और क्षेत्रीय संपर्क (कनेक्टिविटी) को नई रफ्तार देने की मंशा से भागलपुर और मधेपुरा को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना पुल-सह पहुंच पथ निर्माण का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 28.918 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का 98.7 फीसदी भौतिक कार्य पूरा कर लिया गया है। उम्मीद जताई गई है कि फरवरी 2027 तक इस पुल सह पहुंच पथ को लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि भागलपुर के बिहपुर और मधेपुरा के फुलौत के बीच महासेतु निर्माण के क्षेत्र में विभाग ने मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन कराए जा रहे निर्माण कार्यों के तहत ब्रिज के सभी 128 स्पैन को सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। वर्तमान में पुल पर एक्सपेंशन जॉइंट्स लगाने और अंतिम चरण के फिनिशिंग कार्य को तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुल-सह पहुंच पथ निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद इसे फरवरी 2027 में लोगों के आवागमन के लिए पूरी तरह से खोलने की उम्मीद है।
सचिव श्री पाल ने कहा कि कुल 1478 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन परियोजना एनएच-31 (बिहपुर) और एनएच-106 (फुलौत-उदाकिशुनगंज) को आपस में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के बाद फुलौत से बिहपुर और सहरसा के बीच की मौजूदा दूरी घटकर काफी कम रह जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय व्यापार, कृषि उत्पादों का परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और आम नागरिकों की आवाजाही काफी आसान होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
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