पटना , सितंबर 24 -- न, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य में प्रकृति संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में इको-टूरिज्म की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में गंगा, जैव-विविधता, वन एवं प्राकृतिक परिदृश्य तथा समृद्ध ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत से संपन्न भागलपुर प्रमंडल इको-टूरिज्म के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विशेष संभावनाएँ रखता है।
भागलपुर प्रमंडल के प्रमुख प्राकृतिक एवं विरासत स्थलों को पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ जोड़कर एक आकर्षक प्रकृति एवं विरासत पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक अनुभव उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों का सृजन करना है।
सुल्तानगंज से कहलगांव तक गंगा नदी का यह क्षेत्र गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। यहाँ डॉल्फिन दर्शन, नौका भ्रमण, बर्ड वॉचिंग और प्राकृतिक फोटोग्राफी जैसी गतिविधियों की विशेष संभावनाएँ हैं। बिहार पर्यटन के अनुसार यह क्षेत्र सितंबर से अप्रैल तक प्रकृति पर्यटन के लिए विशेष रूप से आकर्षक रहता है।
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