एटा , मई 05 -- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने सरकार से स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। यूनियन के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने मंगलवार को कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसानों के हित में काम करना चाहती है, तो स्मार्ट मीटर योजना को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था किसानों और मजदूर वर्ग के लिए जटिल है, जिसे समझना उनके लिए आसान नहीं है, जिसके कारण उन्हें अत्यधिक बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों के बिजली बिल प्रतिमाह 4 से 5 हजार रुपये तक आ रहे हैं, जो उनकी आय के अनुपात में काफी अधिक हैं। इस मुद्दे को लेकर जलेसर क्षेत्र के नूहखेड़ा गांव में किसानों की एक पंचायत आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
पंचायत में किसानों ने एकजुट होकर स्मार्ट मीटर के विरोध का निर्णय लिया और आगे की रणनीति भी तैयार की। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
पंकज सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि समाधान न होने की स्थिति में किसान स्मार्ट मीटर उखाड़कर बिजली घरों पर फेंकने जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
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