हैदराबाद , अक्टूबर 21 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय सचिव के. रामकृष्ण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की विजयादशमी उत्सव के दौरान दी गई टिप्पणियों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने दोनों नेताओं पर जनता के असल मुद्दों का समाधान करने के बजाय विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
श्री रामकृष्ण ने बुधवार को यहां जारी एक बयान में उन आरोपों की कड़ी निंदा की जिनमें अपने अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों, छात्रों और युवाओं को विदेशी ताकतों से समर्थित बताया गया था। उन्होंने मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध करने के लिए भी दोनों नेताओं की आलोचना की।
श्री रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है, धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को नुकसान पहुँचाया है और राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक आधार पर विभाजन को बढ़ावा दिया है। उन्होंने दावा किया कि जब से राजग सत्ता में आई है, तब से अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं और सरकार चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहकर विभाजनकारी एजेंडे पर काम कर रही है।
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