प्रयागराज , जुलाई 24 -- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी ने रामपुर स्थित मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किए जाने के लिए रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भवनों को गिराने से किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्रों के भविष्य का नुकसान होगा। शुक्रवार को प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री शेरवानी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान कई बार कुछ हिस्से अवैध श्रेणी में आ जाते हैं, जिन्हें नियमानुसार कंपाउंडिंग कर नियमित (रेगुलराइज) किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अनियमितता है तो सरकार नियमानुसार जुर्माना या पेनल्टी वसूल सकती है, लेकिन भवनों को ध्वस्त करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई से मोहम्मद आजम खान को नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठकर छात्रों के भविष्य और उनकी शिक्षा की चिंता करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 के संभावित राजनीतिक समीकरणों पर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में श्री शेरवानी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे का अंतिम निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उचित समय पर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जितनी सीटों पर अपनी जीत की संभावना मानती है, उनके नाम समाजवादी पार्टी नेतृत्व को दे सकती है और उसी आधार पर सीटों का तालमेल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने इस संबंध में एक अच्छा फार्मूला सुझाया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में विपक्ष को सरकार बनानी है तो उसे 200 से अधिक सीटें जीतनी होंगी और यह लक्ष्य समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस के संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने पर ही हासिल किया जा सकता है।
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