जयपुर , अप्रैल 28 -- राजस्थान में स्वायत्त शासन विभाग की ईओ आरओ भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइसके जरिए नकल कराने से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी राजेश कुमार रेवाड़ की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक बी.एस. चौहान ने राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी भर्ती परीक्षा में संगठित तरीके से अनुचित साधनों के उपयोग में शामिल रहा है और अनुसंधान में उसकी भूमिका सामने आयी है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश बी एल चंदेल ने आरोपों को गंभीर मानते हुए और आरोपी को अनुसंधान में वांछित बताते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अनुसंधान में यह साबित हुआ है कि भर्ती परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ सहित अन्य अनुचित साधनों का उपयोगकिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि अन्य मामले में तीन अप्रैल को गिरफ्तार आरोपी राजेश ने कालेर नकल गिरोह से सहयोग लिया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, राजेश रेवाड़ सालासर में मौजूद रहकर पोरव कालेर को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराता था। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की नियमित एवं अग्रिम जमानत याचिकाएं भी इसी अदालत द्वारा पूर्व में खारिज की जा चुकी हैं।
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