नयी दिल्ली , जुलाई 17 -- राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में चल रहे 'भारत टेक्स 2026' बिहार को एक उभरते हुए वैश्विक वस्त्र एवं परिधान निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस चार दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान बिहार पवेलियन निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'हॉटस्पॉट' बना रहा। इस बार बिहार सिर्फ अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करने नहीं, बल्कि वैश्विक कपड़ा बाज़ार में एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में अपनी धाक जमाने उतरा।
बिहार पवेलियन में बिहार के कपड़ा क्षेत्र में निवेश के अवसर के तहत राज्य की नयी औद्योगिक नीतियों और अवसंरचना को बेहद आक्रामक तरीके से पेश किया गया। मेले में पहुंचे देश-विदेश के बड़े कपड़ा निर्यातकों और ब्रांड्स के बीच बिहार सरकार की नीतियां और उद्योग-अनुकूल माहौल चर्चा का मुख्य विषय बना रहा।
बिहार पवेलियन में उद्योग विभाग के विशेषज्ञ और अधिकारियो ने हर बड़े निवेशक को राज्य में व्यापार लगाने करने के उन चार मजबूत स्तंभों के बारे में बताया, जो बिहार को देश के अन्य राज्यों से अलग और बेहतर बनाते हैं।
इस स्तंभों में पहला है प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड, जिसके तहत निवेशकों को जमीन खरीदकर फैक्ट्री बनाने का इंतजार नहीं करना होगा। रेडी-टू-मूव शेड्स में मशीनें लगाएं और उत्पादन शुरू करें। दूसरा सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क- बिहार की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पूर्वी भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और नेपाल जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसान पहुंच देती है।
तीसरा प्रचुर और कुशल श्रमशक्ति- देश के टेक्सटाइल सेक्टर को श्रमशक्ति देने वाला बिहार अब अपने हुनरमंदों को राज्य में ही रोजगार देकर उद्योगों को प्रतिस्पर्धी लेबर कॉस्ट दे रहा है और चौथा बिजली और अवसंरचना - उद्योगों के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली, बेहतरीन सड़क और रेल संपर्क की गारंटी।
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