भदोही , सितंबर 11 -- उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म, उसका वीडियो बनाकर धमकी देने और उसे प्रसारित करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दोषी अभियुक्त विवेक तिवारी उर्फ सोनू को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख 75 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अपर पुलिस अधीक्षक शुभम् अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि कोईरौना थाना क्षेत्र निवासी विवेक तिवारी के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म, वीडियो बनाने तथा उसे वायरल करने की धमकी देने के आरोप में पॉक्सो अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले में वैज्ञानिक तरीके से विवेचना करते हुए पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र कम समय में न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस की प्रभावी पैरवी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), ज्ञानपुर, भदोही की अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।

अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4(2), 13/14(1) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-बी के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख 75 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में आईटी अधिनियम की धारा 67-बी तथा आईपीसी की धारा 376(3) के तहत दोषसिद्धि भी कायम रही। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

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