हैदराबाद , जुलाई 24 -- तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने शुक्रवार को सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए सरकार की ओर से पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
श्री भट्टी ने कोठागुडेम में सिंगरेनी और जेनको के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अगले 15-20 सालों में सोलर, विंड, पंप-स्टोरेज, हाइड्रोजन और बैटरी ऊर्जा भंडारण तकनीक को तेज़ी से अपनाए जाने से कोयले पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो जायेगी। उन्होंने एससीसीएल से कहा कि बदलते वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उसे कोयला खनन के अलावा ज़रूरी और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में भी काम करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सिंगरेनी को लिथियम, कोबाल्ट और दूसरे अहम खनिजों के खनन की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए और ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में मिनरल ब्लॉक की नीलामी में हिस्सा लेना चाहिए।
उन्होंने 130 साल पुरानी सिंगरेनी को "तेलंगाना की आत्मा" बताते हुए कहा कि कोयला सेक्टर में बढ़ते निजीकरण के दौर में निजी कंपनियों से बेहतर ढंग से मुकाबला करने के लिए इस सरकारी कंपनी को अपनी कार्यक्षमता बढ़ानी होगी, संचालन लागत कम करनी होगी, कोयले की गुणवत्ता अच्छी रखनी होगी और कोल वॉशरी को मजबूत करना होगा। उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिया कि वे लंबे समय की स्थिरता वाली योजना तैयार करने में कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों को शामिल करें। उन्होंने जोर दिया कि हजारों कर्मचारियों के परिवारों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कंपनी का मुनाफे में रहना बहुत ज़रूरी है।
श्री भट्टी ने पिछली बीआरएस सरकार पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार नये कोयला ब्लॉक हासिल करने में नाकाम रही और थर्मल पावर परियोजनाओं के लिए लंबी अवधि की योजना बनाने में लापरवाही बरती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ओडिशा में नैनी ब्लॉक और ताडिचेरला-2 परियोजना के लिए ज़मीन अधिग्रहण और वन मंजूरी की प्रक्रिया में तेज़ी लायी है।
उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य की बोर्ड बैठकों में कंपनी की विस्तार रणनीति और स्पष्ट समय सीमा के साथ 10 साल का व्यापक रोडमैप तैयार करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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