जयपुर , फरवरी 14 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 16 फरवरी को जयपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संस्थागत नेतृत्व शिखर सम्मेलन (एनएसआईएल-2026) का उद्धाटन करेंगे।
राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने शनिवार को बताया कि विश्वविद्यालय जयपुर, राज्य सरकार तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थानके संयुक्त तत्वावधान में 16 और 17 फरवरी को यह सम्मेलन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर जयपुर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एनसीटीई के अध्यक्ष प्रो पंकज अरोड़ा, राष्ट्रीय समन्वयक, आईकेएस प्रो. जी. एस. मूर्ति एवं भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष सी के शास्त्री भी मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि कि सम्मेलन के समापन सत्र में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े मुख्य अतिथि तथा विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी विशिष्ट अतिथि होंगे। प्रो. कटेजा ने बताया कि यह सम्मेलन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संवाद, सहयोग और नीति-उन्मुख विमर्श का एक सशक्त राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। यह समागम विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप संस्थागत विकास, अकादमिक नेतृत्व और शैक्षणिक नवाचार को नई दिशा देगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समस्त नीति-निर्धारक, नीतियों को धरातल पर उतारने वाली संस्थाएं सहित सभी हितधारकों का जयपुर में समागम राजस्थान की उच्च शिक्षा को नयी दिशा देने का एक सुनहरा अवसर होगा।
आयुक्त कॉलेज शिक्षा राजस्थान डॉ. ओम प्रकाश बैरवा ने बताया कि सम्मेलन में देशभर के 250 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान सहभागिता करेंगे, जिनमें केंद्रीय विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय एवं डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन संस्थानों के कुलगुरु, निदेशक, प्राचार्य, अधिष्ठाता तथा वरिष्ठ शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता, साथ ही लगभग 1500 से अधिक प्रतिनिधि उच्च शिक्षा के भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे। वीबीयूएसएस के क्षेत्रीय संयोजक (राजस्थान) प्रो. संजय शर्मा ने बताया कि यह राष्ट्रीय समागम उच्च शिक्षा के भविष्य से जुड़े विभिन्न प्रमुख विषयों पर केंद्रित सत्रों के माध्यम से गहन विचार-विमर्श करेगा।इसमें कुल 28 सत्रों में छह विषयों पर चार समानान्तर सत्रों के अलावा केन्द्र सरकार के 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल' पर चर्चा के लिए यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जगदीश कुमार का विशेष सत्र भी आयोजित किया जायेगा।
सम्मेलन के दौरान हुए विमर्श एवं अनुशंसाओं को एनएसआईएल-2026 घोषणा-पत्र (जयपुर डिकलरेशन) के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो उच्च शिक्षा नीति एवं संस्थागत परिवर्तन के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
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