जयपुर , दिसम्बर 11 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के आयोजन को पारदर्शी बनाने की दिशा में दो वर्षों में ऐतिहासिक कदम उठाए जिससे भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर प्रभावी अंकुश लगा है वहीं 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली हैं।
राज्य की भजनलाल सरकार के दो वर्ष के उपलक्ष्य में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस एवं एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल गठित (एसआईटी) की सक्रिय भूमिका ने भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर न केवल प्रभावी अंकुश लगाया बल्कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर परीक्षा प्रणाली के प्रति युवाओं के विश्वास को भी बढ़ाया है और आज प्रदेश की भर्ती परीक्षा प्रणाली पूर्ण रूप से सुरक्षित बन रही है।
श्री बंसल ने बताया कि एसआईटी के गठन के बाद से राजस्थान लोक सेवा आयोग, राजस्थान अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड और अन्य भर्ती बोर्डों द्वारा गत छह नवंबर तक 296 छोटी-बड़ी परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की अनेक भर्ती परीक्षाएं तथा विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा आयोजित परीक्षाएं भी बिना किसी अनियमितता के सुचारू रूप से संपन्न हुईं।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रणाली में विश्वसनीयता लौटी है। इसमें एसआईटी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। एसआईटी की सक्रियता से पूरे तंत्र में अभूतपूर्व बदलाव आया है। परीक्षा लीक गिरोहों और नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर एसआईटी ने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पेपरलीक के मामलों की त्वरित जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 16 दिसंबर 2023 को एसआईटी का गठन किया था।
उन्होंने बताया कि एसआईटी के गठन के पश्चात डमी अभ्यर्थियों, फर्जी डिग्री और भर्ती परीक्षा संबंधी अन्य अनियमितता के संबंध में पुलिस थाना एसओजी ने गत छह नवंबर तक 138 एफआईआर दर्ज की गई। इन सभी प्रकरणों में अब तक 394 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जो संगठित अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है।
श्री बंसल ने बताया कि एसआईटी ने बड़े और हाई-प्रोफाइल मामलों में भी निर्णायक कार्रवाई की है। एसआई भर्ती परीक्षा-2021 में गड़बड़ी करने के आरोप में आरपीएससी के एक निलम्बित सदस्य और एक पूर्व सदस्य को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 132 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनमें 61 प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक और छह चयनित उपनिरीक्षक (जिन्होंने जॉइन नहीं किया) सहित 67 उप निरीक्षक शामिल हैं। इसके अलावा, जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2018 में पेपर लीक के मुख्य आरोपी, टीसीएस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जगजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
युवाओं को सरकारी नौकरियों का इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए आरपीएससी और आरएसएसबी द्वारा परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी किया जा रहा है। इससे युवाओं को बड़ी राहत मिली है। अब वे परीक्षाओं की योजनाबद्ध तैयारी कर सकते है।
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