नयी दिल्ली/जयपुर , नवम्बर 02 -- राजस्थान केे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में 50 से अधिक प्रमुख निवेशकों के साथ सोमवार को राउंड टेबल बैठक की और प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक संभावनाओं एवं उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की।
श्री शर्मा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026' के अवसर पर यह बैठक की और उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित भी किया। राउंड टेबल बैठक में ब्रुकफील्ड, रिन्यू, आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स, जिंदल समूह और अवाडा सहित अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री ने राजस्थान की स्टॉल्स का उद्घाटन और अवलोकन भी किया। इस दौरान राज्य के ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर एवं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान देश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन एवं सौर ऊर्जा क्षमता स्थापना के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर है। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक लगभग 125 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करना है। इस दिशा में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड परियोजनाओं एवं ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति लागू की है। साथ ही, मेगा अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 'राइट टू यूज' नीति जारी की गई है। वहीं, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 के तहत निवेशकों को विभिन्न प्रोत्साहन एवं सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 51 हजार मेगावाट से अधिक अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है, जिसमें सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 45 हजार मेगावाट से अधिक है। राज्य में बड़े सौर पार्कों, रूफटॉप सोलर, पवन ऊर्जा, बायोमास एवं ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं, सौर ऊर्जा के अतिरिक्त उत्पादन के उपयोग तथा पीक डिमांड के दौरान ग्रिड प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार की गई है।
एक्सपो में प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया। 'निवेश करें, नवाचार करें, प्रेरित करें' की थीम पर आयोजित हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राजस्थान सहित देश के 13 राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं, निवेश के अवसरों और विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित किया जा रहा है।
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