प्रतापगढ़ , मई 07 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बम्बोरी गांव में रात्रि प्रवास किया और गुरुवार सुबह गांव में भ्रमण किया।

श्री शर्मा ने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास तथा अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

चौपाल में ग्रामीण महिलाओं ने लखपति दीदी, कृषि सखी, पशु एवं बैंक सखी जैसी योजनाओं से हुए सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी वहीं किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा। लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है तथा 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया गया है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में देय राशि को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया गया है तथा मां वाउचर योजना के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार किसान, गरीब, मजदूर और पशुपालक के जीवन के संघर्ष और उनके सपनों को भलीभांति समझती है। उन्होंने कहा कि गरीबी का दर्द वही समझ सकता है जिसने उसे करीब से देखा हो। सरकार किसानों, युवाओं और पशुपालकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है। इसके लिए सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।

श्री शर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है। इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के तहत पहली बार गांव, वार्ड के लिए वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक के लिए अल्पकालीन, मध्यमकालीन और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप बना रहे है। इसके तहत भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप पानी, सड़क, शिक्षा एवं चिकित्सा की योजनाएं शामिल है।

उन्होंने कहा कि युवा, माता-पिता के साथ-साथ राष्ट्र की सबसे बड़ी आशा हैं। पहले किसान अपने बच्चों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर भेजते थे। परिवार उम्मीद करता था कि बेटा मेहनत कर सरकारी नौकरी प्राप्त करेगा, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं और उनके परिवारों के सपने टूट जाते थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने पेपर लीक पर प्रभावी अंकुश लगाया है और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।

ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही। मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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