जयपुर , सितंबर 20 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में पेयजल एवं सिंचाई जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जलदाय एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री शर्मा ने रविवार को यहां बैठक में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौते, किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना, नर्मदा के अतिरिक्त मानसूनी जल के उपयोग, परवन परियोजना, धौलपुर लिफ्ट परियोजना, माही परियोजना तथा इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में जल भंडारण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की और यह निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आगामी जून महीने में संभावित पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए अभी से व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि प्रदेशवासियों को पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही, उन्होंने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल 181 पर आने वाली जल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों को भी प्रमुखता से निस्तारित करने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री ने करीब 19 हजार करोड़ रुपए की बीसलपुर-दौसा तथा ईसरदा-दौसा-जमवारामगढ़ पाइपलाइन परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब दो लाख करोड़ रुपए की जल परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

राज्य सरकार द्वारा पेयजल परियोजनाओं पर 24 हजार 415 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इसमें ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण पर व्यय किए गए 13 हजार 163 करोड़ रुपये शामिल हैं। पिछले ढाई वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर नल से जल' के दायरे का तेजी से विस्तार करते हुए 15.47 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नए घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।

वहीं नौ हजार 93 गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन कवरेज हासिल किया जा चुका है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 20 जिलों में 3,431.66 करोड़ रुपये की लागत के 44 कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। साथ ही, अमृत 2.0 के तहत 126 निकायों के लिए 1543.03 करोड रुपए के कार्यादेश जारी हुए हैं।

दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता मजबूत करने के लिए नए जल स्रोत विकसित करने के साथ 9044 नए हैंडपंप और 5422 ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं। वहीं क्षेत्रीय जल संकट के दीर्घकालिक समाधान के लिए वृहद एवं बहु-ग्राम पेयजल परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 32 वृहद पेयजल परियोजनाओं के पैकेज पूर्ण किए जा चुके हैं।

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