जालौर , मई 14 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार ने आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है ताकि राजस्थान मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित हो सके।

श्री शर्मा बुधवार रात जालौर के पंसेरी में गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में हमारी सरकार मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान संचालित कर राज्य की प्रत्येक पंचायत के सुनियोजित विकास का ब्लू प्रिंट तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली-पानी की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों की सिंचाई जरूरतों की पूर्ति के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों को गति प्रदान की है। यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना एवं गंगनहर का सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही तथा देवास परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सोम-कमला-अंबा परियोजना के माध्यम से जवाई बांध में जल आएगा, जिससे जालौर, पाली और सिरोही के लोगों को पानी की आपूर्ति भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 जिलों के किसानों को दिन के समय में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जो कि वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को कृषि को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए कहा कि किसान ड्रिप-स्प्रिंकलर से सिंचाई करें, जैविक खेती को अपनाएं तथा रासायनिक खाद का उपयोग करने से बचें। युवा पीढ़ी भी अधिक से अधिक संख्या में कृषि से जुड़े और इसे रोजगार का साधन बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना एवं मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना में पांच रुपये प्रति लीटर का अनुदान देते हुए दुग्ध संकलन केन्द्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है वहीं पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल यूनिट वैन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।

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