अलीराजपुर , फरवरी 26 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 फरवरी को अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित होने वाले भगोरिया मेले में शिरकत करेंगे।
प्रदेश के आदिवासी अंचल के झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में इन दिनों उल्लास और उत्सव का माहौल है। यहां आदिवासियों का प्रमुख लोकपर्व भगोरिया पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। गांव-गांव से लोग पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर ढोल मांदल की गूंज के साथ नाचते-गाते भगोरिया मेलों में पहुंच रहे हैं। यह पर्व केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, सामूहिकता और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।
भगोरिया मेले में युवक-युवतियां अपने भावों को लोकगीतों और नृत्य के जरिए अभिव्यक्त करते है। रंग-बिरंगे परिधानों, मांदल और थाली की थाप, तथा लोकनृत्यों से पूरा इलाका उत्सवमय हो उठता है। पारंपरिक हाट-बाजार, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और लोककला भी इस मेले का अभिन्न हिस्सा है, जो आदिवासी जीवनशैली की सादगी और समृद्धि को दर्शाते है।
प्रदेश सरकार ने भगोरिया मेलों को लोक पर्व का दर्जा देकर आदिवासी संस्कृति को सम्मान देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इससे न केवल इस परंपरा को संरक्षण मिला है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिला है।
इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री यादव 27 फरवरी को अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में मुख्यमंत्री की मौजूदगी से आदिवासी समाज में उत्साह और बढ़ा है। यह सहभागिता सरकार और आदिवासी समुदाय के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ लोकसंस्कृति के संरक्षण का संदेश भी देती है।
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