प्रयागराज , अगस्त 12 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सावन के महीने में संगम के घाटों पर कांवड़ियों के अलग-अलग रंग और रूप देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट पर महिलाओं का एक समूह हरे रंग की साड़ी पहनकर कांवड़ लेकर पहुंचा। महिलाओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ ही महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। महिलाओं ने दशाश्वमेध घाट पर स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और गंगाजल कांवड़ में भरा। इस दौरान उन्होंने कान पकड़कर उठक-बैठक भी की। इसके बाद भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए कांवड़ लेकर मनकामेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुईं। रास्ते में महिलाएं नाचते-झूमते और शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ती रहीं।
समूह की महिलाओं ने बताया कि पिछले वर्ष महज चार-पांच महिलाएं कांवड़ यात्रा में शामिल हुई थीं, जबकि इस बार संख्या बढ़कर करीब 15 से 25 हो गई है। उनका लक्ष्य आने वाले वर्षों में महिलाओं की संख्या 50, 100 और फिर 200 तक पहुंचाना है।
समूह की सदस्य पूजा पांडे ने कहा कि उनका उद्देश्य कांवड़ यात्रा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर महिला सशक्तीकरण को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और धार्मिक आयोजनों में भी उनकी भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाएं भगवान शिव से अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि की भी कामना कर रही हैं।
सभी महिलाओं ने सावन के प्रतीक हरे रंग की साड़ी पहन रखी थी। महिलाओं के अनुसार हरा रंग सावन की पहचान के साथ उनके उत्साह और एकजुटता का भी प्रतीक है। दशाश्वमेध घाट से गंगाजल लेकर महिलाएं मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
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