भिण्ड , मई 25 -- मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के ऊमरी कस्बे में भगवान महावीर स्वामी तीर्थ स्थल के शिलान्यास महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जैन समाज के विख्यात संत पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में 25 पिच्छीधारी जैन मुनियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में ग्वालियर-चंबल संभाग सहित उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और अहमदाबाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
महोत्सव के दौरान नवनिर्मित होने वाले श्री दिगम्बर जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी बिहार स्थली का विधि-विधान से शिलान्यास किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा ऊमरी कस्बा भक्ति और आस्था के रंग में रंगा दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ संतों का स्वागत किया। कस्बे के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे।
आयोजकों के अनुसार निर्माणाधीन तीर्थस्थल पर भगवान महावीर स्वामी की 31 फीट ऊंची खड़गासन प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा 24-24 फीट की दो अन्य विशाल प्रतिमाएं भी विराजमान होंगी। तीर्थ क्षेत्र को भविष्य में बड़े धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
कार्यक्रम में भिण्ड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, कांग्रेस जिला अध्यक्ष पिंकी भदौरिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान रविसेन जैन, डॉ. राधेश्याम, संदीप मिश्रा, अशोक जैन, प्रमोद जैन सर्राफ, विनोद जैन, यश जैन और राहुल जैन सहित समाज के अनेक लोगों ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्य मंदिर का शिलान्यास ऊषा-महेन्द्र जैन परिवार गुड़गांव द्वारा किया गया, जबकि मुख्य वेदी का शिलान्यास कल्याणचंद्र-गणेशीलाल एवं भैयालाल जैन परिवार ऊमरी ने संपन्न कराया। दूसरी एवं तीसरी वेदी का शिलान्यास क्रमशः गैंदालाल-वीरसेन जैन परिवार तथा अशोक-विमल जैन परिवार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के बाद पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज अपने संघ के साथ विहार करते हुए भिण्ड की ओर रवाना हुए। रास्ते में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह उनका स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह अपने साथियों के साथ बाराकला गांव पहुंचे और जैन मुनियों की अगवानी कर उनके साथ पैदल विहार करते हुए मानपुरा गांव तक पहुंचे। मानपुरा स्थित अपने फार्म हाउस पर उन्होंने संतों के विश्राम एवं ठहराव की व्यवस्था कराई।
करीब पांच से सात किलोमीटर तक तपती गर्म सड़क पर संतों के साथ पैदल चलने के दौरान पूर्व विधायक के पैरों में छाले पड़ गए, इसके बावजूद उन्होंने श्रद्धा भाव से संतों की सेवा की। संजीव सिंह कुशवाह ने कहा कि यह उनके जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण है कि उन्हें विश्व विख्यात पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
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