भोपाल , मई 28 -- मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों के मंगोलिया में प्रदर्शन से भारत और मध्यप्रदेश को वैश्विक पहचान मिलेगी।
मंत्री श्री पटेल आज राजा भोज विमानतल पर भगवान बुद्ध के शिष्यों श्री सारिपुत्र और श्री महामोद्गलायन के पवित्र अवशेषों को राजकीय सम्मान के साथ मंगोलिया रवाना करने के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत और मध्यप्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है। ये पवित्र अवशेष केवल आध्यात्मिक धरोहर ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और सौहार्द के प्रतीक भी हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के इन महान शिष्यों की पवित्र अस्थियां केवल भारत, श्रीलंका और म्यांमार में ही संरक्षित हैं, जो देश और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इससे मंगोलिया सहित विभिन्न देशों के बौद्ध अनुयायी मध्यप्रदेश आने के लिए प्रेरित होंगे।
श्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सांस्कृतिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सांची केवल अपने स्तूपों के कारण विश्व धरोहर स्थल नहीं है, बल्कि इन पवित्र अवशेषों की उपस्थिति के कारण वैश्विक श्रद्धा का केंद्र भी है।
कार्यक्रम में उपस्थित बौद्ध धर्मगुरु पूज्य बानगल उपतिस्स नायक थेरी ने कहा कि सांची आध्यात्मिक वैभव का अनुपम खजाना है और बौद्ध जगत में इसकी महत्ता अतुलनीय है। उन्होंने बताया कि पूर्व में थाईलैंड यात्रा के दौरान इन पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की यह विरासत विश्व बंधुत्व की अमूल्य निधि है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक आयोजन भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और विश्वगुरु की भूमिका को प्रदर्शित करते हैं।
कार्यक्रम में छोटे गुरु पूज्य बानगल विमल तिस्स थेरी, इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन के संचालक कर्नल यश सक्सेना, संस्कृति विभाग के उप सचिव राजेश कुमार गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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