अलवर , जुलाई 26 -- राजस्थान में 171वें दिव्य विवाह महोत्सव के सफल आयोजन के बाद अब अलवरवासियों की निगाहें भगवान जगन्नाथ और माता जानकी की राजसी रथ यात्रा पर टिकी हैं।
27 जुलाई की रात आठ बजे भगवान जगन्नाथ अपनी नवविवाहिता जानकी मैया के साथ रूपबास स्थित रूपहरि मंदिर से भव्य रथ में सवार होकर पुराना कटला स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। रथ यात्रा के स्वागत के लिए शहरभर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
महंत राजेंद्र शर्मा ने रविवार को बताया कि विवाह के बाद यह पारंपरिक वापसी यात्रा वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। मार्ग में श्रद्धालु पुष्पवर्षा करके भगवान के दर्शन करेंगे और जगह-जगह आरती एवं स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुराना कटला स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ और माता जानकी का भव्य स्वागत होगा।
इससे पहले रूपबास में भगवान जगन्नाथ और माता जानकी का 171वां दिव्य विवाह महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान ने माता जानकी को वरमाला पहनाई। पहली बार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भी इस दिव्य आयोजन में शामिल हुए। विवाह के दौरान देशभर से आई विशेष वरमालाएं भगवान को अर्पित की गईं और महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
रूपहरि मंदिर परिसर में लगने वाला सात दिवसीय मेला भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। जो रथ वापसी के बाद संपन्न हो जाएगा। धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले का आनंद ले रहे हैं।
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