अमृतसर , जून 20 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अंतरिम समिति की शनिवार को आयोजित विशेष बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से उनके कथित आपत्तिजनक वीडियो प्रकरण और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी आदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की गई।
बैठक में 27 जून को शिरोमणि कमेटी की सामान्य सभा बुलाने तथा विधानसभा हलका स्तर पर बड़े धार्मिक और जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित कर संगतों को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करने के लिए प्रेरित करने का भी निर्णय लिया गया।
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने संवाददाताओं से कहा कि श्री मान से संबंधित कथित आपत्तिजनक वीडियो में दिखाई गई करतूतों ने विश्वभर के सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। मामले की जांच के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री को अपना पक्ष रखने और फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशालाओं के नाम सुझाने का पूरा अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने अकाल तख्त सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्रों का जवाब देना भी उचित नहीं समझा।
श्री धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च संस्था है, जिसके आदेशों का सम्मान पूरी सिख बिरादरी करती है। अकाल तख्त की परंपराओं के अनुसार ही इस मामले में फैसला लिया गया है और ऐसे में मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यदि पंजाब जैसे सिखों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले राज्य का मुख्यमंत्री ही सिख भावनाओं को आहत करने के आरोपों का सामना कर रहा हो, तो उससे धार्मिक मूल्यों और परंपराओं की रक्षा की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने समूची सिख संगत से अपील की कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा, परंपराओं और आदेशों का सम्मान करें तथा कौमी एकता, अनुशासन और गुरमत सिद्धांतों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभायें। उन्होंने बताया कि 27 जून को तेजा सिंह समुंदरी हॉल में होने वाली एसजीपीसी की सामान्य सभा में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जायेगी। इसके अलावा शिरोमणि कमेटी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर संगत समागम आयोजित करेगी।
एडवोकेट धामी ने कहा कि बेअदबी मामलों से संबंधित प्रस्तावित कानून को लेकर कुछ लोग गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिरोमणि कमेटी कानून में शामिल कुछ आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब विधानसभा के सिख विधायकों को बुलाया है और सभी को इसके निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके शिरोमणि अकाली दल से संबंधों को लेकर गलत बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल शहीदों की विरासत वाली संस्था है और उन्हें इस संगठन से जुड़े होने पर गर्व है।
इस अवसर पर एडवोकेट धामी ने अपनी अमेरिका यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि शिरोमणि कमेटी अमेरिका के यूबा सिटी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छपाई के लिए एक आधुनिक प्रेस और गुरमत प्रचार केंद्र स्थापित करने जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में अमेरिका निवासी सरदार दीदार सिंह बैंस ने इस उद्देश्य के लिए लगभग 14 एकड़ भूमि शिरोमणि कमेटी को दान की थी। परियोजना के लिए आवश्यक सरकारी अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अमेरिकी कानूनों के अनुसार सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें शिरोमणि कमेटी के पदाधिकारी सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।
श्री धामी ने बताया कि अमेरिका में इस परियोजना के लिए बैंक खाता सक्रिय कर दिया गया है तथा नक्शों और अन्य औपचारिक मंजूरियों की प्रक्रिया जारी है। सभी आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र शुरू होने के बाद अमेरिका और आसपास के देशों की सिख संगतों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप वहीं उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने इसे विदेश में शिरोमणि कमेटी का पहला स्थायी केंद्र बताते हुए कहा कि स्थानीय संगतों और समुदाय के नेताओं ने इस परियोजना को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
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