कपूरथला/सुल्तानपुर लोधी , अगस्त 09 -- राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने महान समाजसेवी भगत पूरन सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की मांग की है।

इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मानवता की निस्वार्थ सेवा और पर्यावरण संरक्षण में भगत पूरन सिंह के अमूल्य योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का आग्रह किया है। समाजसेवी भगत पूरन सिंह की 34वीं बरसी के अवसर पर लिखे पत्र में संत सीचेवाल ने कहा कि उनका पूरा जीवन सेवा, त्याग, सादगी और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। गुरबाणी से प्रेरणा लेकर उन्होंने जरूरतमंदों की सेवा को अपने जीवन का मिशन बनाया और अंतिम समय तक इस कार्य में जुटे रहे।

संत सीचेवाल ने पत्र में उल्लेख किया कि देश के विभाजन के दौरान भगत पूरन सिंह द्वारा शारीरिक रूप से दिव्यांग और बेसहारा व्यक्ति प्यारा सिंह को अपनी पीठ पर उठाकर अमृतसर लाने की घटना उनके सेवा जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बनी। इसके बाद उन्होंने 'पिंगलवाड़ा' की स्थापना की, जहां बेसहारा, दिव्यांग, मानसिक रूप से परेशान, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को आश्रय, चिकित्सा सुविधा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने भगत पूरन सिंह की पर्यावरण संरक्षण के प्रति दूरदर्शी सोच का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस समय पर्यावरण संरक्षण को लेकर आज जैसी व्यापक चर्चा भी नहीं होती थी, उस समय समाजसेवी भगत ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पेड़ों की रक्षा और सादा जीवन अपनाने के प्रति लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया था।

केन्द्र सरकार ने भगत पूरन सिंह की सेवाओं को मान्यता देते हुए वर्ष 1979 में उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया था। संत सीचेवाल ने कहा कि मानवता की सेवा, त्याग, सादगी और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में उनका योगदान अद्वितीय है और आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी भगत पूरन सिंह को 'भारत रत्न' प्रदान करना उनके महान योगदान और विरासत के प्रति सच्ची एवं उपयुक्त श्रद्धांजलि होगी।

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