बैतूल , मई 06 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के डहरगांव स्थित हार्टीफ्रूट आईजी बेरीज (ब्लूबेरी) कंपनी पर श्रमिकों के शोषण और अवैध जल उपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों को लेकर किसान संघर्ष समिति ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री और जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी में कार्यरत मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। उनके अनुसार जहां शासन द्वारा 478 रुपये प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित है, वहीं श्रमिकों को लगभग 400 रुपये ही दिए जा रहे हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि कंपनी श्रमिकों को भविष्य निधि, बीमा, चिकित्सा सुविधाएं, शौचालय और सुरक्षा जैसे बुनियादी अधिकार उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।

इसके अलावा कंपनी पर वर्धा डेम से अवैध रूप से पानी लेने का आरोप भी लगाया गया है। समिति के अनुसार इस कथित जल दोहन से क्षेत्र के किसानों के जल अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और सिंचाई के लिए पानी की कमी की स्थिति बन रही है।

किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों और मजदूरों की स्थिति और गंभीर हो सकती है। समिति के कार्यालय सचिव भागवत परिहार ने कहा कि संगठन इस मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे क्षेत्र में असंतोष बना हुआ है।

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