रांची , अप्रैल 06 -- रामगढ़ जिले के अरगड्डा मोड़ के पास हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्लांट में सोमवार सुबह करीब 4 बजे हुए जोरदार हॉर्नेस ब्लास्ट से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
धमाके के बाद प्लांट में कामकाज कुछ समय के लिए ठप हो गया और मजदूरों में भगदड़ की स्थिति बन गई।
बताया जाता है कि रोज की तरह मजदूर काम में जुटे हुए थे, तभी अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई, जिसकी चपेट में आकर 9 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में भी दहशत फैल गई। प्लांट परिसर में धुआं और आग फैलने से मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
घायलों की पहचान अखिला राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, राजू झा, छोटू साव, सुरेश बेदिया और इशया के रूप में हुई है।
सभी घायलों को तत्काल रांची रोड स्थित द हॉप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि 9 में से 7 मजदूरों की हालत बेहद गंभीर है और वे 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची के देवकमल अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना भयावह था कि आसपास के लोग भी सहम गए। घटना के बाद प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और मजदूरों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।
हादसे की सूचना मिलते ही प्लांट गेट पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की भीड़ जुट गई। नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर प्रबंधन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्लांट में एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं, रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं और सभी को बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थानीय लोगों का विरोध जारी है।
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