साउथेम्प्टन , जून 02 -- ब्रिटेन की एक अदालत ने 18 साल के यूनिवर्सिटी छात्र हेनरी नोवाक की बेरहमी से हत्या करने के मामले में 23 वर्षीय सिख युवक विक्रम दिगवा को उम्रकैद की सजा सुनायी है।

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस के सामने नस्लवादी हमले का बहाना बनाया था और अपनी पगड़ी गिराये जाने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने आरोपी को कड़ी फटकार लगाते हुए टिप्पणी की कि उसने अपने इस घिनौने कृत्य और झूठ से अपने परिवार, समुदाय और पूरे धर्म को बदनाम किया है।

इस घटना के बाद जारी हुए पुलिस के बॉडीकैम फुटेज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि चाकू लगने से तड़प रहे हेनरी नोवाक जब जमीन पर पड़े थे, तब पुलिस ने आरोपी के झूठे झांसे में आकर घायल छात्र को ही हमलावर समझ लिया और उन्हें हथकड़ी लगा दी। इस दौरान हेनरी ने नौ बार पुलिस से गुहार लगाई, " मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं', लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। नतीजतन कुछ ही देर में उनकी मौत हो गयी।"इस घटना ने साल 2020 में अमेरिका के बहुचर्चित 'जॉर्ज फ्लॉयड' मामले की तरह की एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। इससे पुलिसिया बर्बरता और नस्लीय भेदभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गयी है।मामले की सुनवाई के दौरान यह साबित हुआ कि दिसंबर 2025 में हुई इस वारदात के बाद विक्रम दिगवा ने खुद को पीड़ित दिखाने की पूरी कोशिश की थी। उसने पुलिस को कहानी सुनाई कि हेनरी ने उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचायी, लेकिन अदालत ने पाया कि विक्रम जानबूझकर 21 सेंटीमीटर लंबा घातक चाकू लेकर घूम रहा था। न्यायाधीश विलियम मौसली ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी की इस हरकत ने समाज में नस्लीय तनाव पैदा किया है, जिससे ब्रिटेन के अन्य सिख भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। विक्रम को कम से कम 21 साल जेल में बिताने होंगे, हालांकि उसकी सजा को बहुत कम बताते हुए इसे और बढ़ाने की मांग भी शुरू हो गयी है। ' हेनरी के परिवार ने पुलिस के इस व्यवहार को 'अमानवीय और अपमानजनक' बताया है।

जारी हुए फुटेज में दिख रहा है कि जब हेनरी चीख रहे थे कि उन्हें चाकू लगा है, तब पुलिस अधिकारी ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि तुम्हें चाकू लगा है, दोस्त।"पुलिस की इस लापरवाही पर ब्रिटेन के राजनीतिक गलियारों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों में भारी गुस्सा है। रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज और कंजर्वेटिव नेता केमी बडेनोच सहित कई बड़े नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस पूरे मामले की जांच अब 'स्वतंत्र पुलिस आचरण कार्यालय' आईओपीसी कर रही है।

इस घटना के बाद ब्रिटेन के सिख समुदाय ने इस हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की है। सिख फेडरेशन और सिख प्रेस एसोसिएशन ने साफ किया है कि विक्रम ने जिस बड़े चाकू का इस्तेमाल किया था, वह पवित्र धार्मिक चाकू 'कृपाण' नहीं था। समुदाय ने यह भी बताया कि विक्रम के हिंसक व्यवहार के मद्देनजर उसे घटना से बहुत पहले ही साउथेम्प्टन के गुरुद्वारे में आने से रोक दिया गया था। विक्रम के परिवार ने भी नोवाक परिवार और पूरे सिख समुदाय से माफी मांगी है कि उनके पुत्र की वजह से पूरे समुदाय की साख को ठेस पहुंची है। इस बीच, कंजर्वेटिव राजनेता डोना जोन्स ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर धार्मिक और औपचारिक उद्देश्यों के लिए चाकू या ब्लेड ले जाने के नियमों की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित