कोलकाता , मार्च 14 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री पर विशेष समुदाय के प्रति पक्षपातपूर्ण रुख अपनाने और पश्चिम बंगाल में डर की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
श्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, "वे लोगों को डरा रहे हैं कि एक समुदाय आपको तबाह कर देगा। संवैधानिक पद पर बैठकर कोई ऐसा कैसे कह सकता है?" उन्होंने कहा, "वे कह रहे हैं कि वे करोड़ों बंगालियों को मार देंगे।" फिर वे पलटकर पूछते हैं, "कौन लोग हैं, जो तृणमूल के निर्देश पर करोड़ों लोगों को मारेंगे? उन्होंने पूरे राज्य में धमकी की संस्कृति पैदा कर दी है।"प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों को हाल ही में एक 'धरना मंच' पर सुश्री ममता बनर्जी के दिये बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। सुश्री बनर्जी ने कहा था, "हम हैं, इसीलिए आप सब सुरक्षित हैं। अगर हम यहां नहीं होते और जब एक खास समुदाय एक साथ आकर आपको घेर लेता तो वे आपको एक सेकंड में खत्म कर देते।" इस टिप्पणी की भाजपा ने कड़ी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि इसका उद्देश्य डर पैदा करना और एक विशेष वोट बैंक का तुष्टीकरण करना है।
श्री मोदी ने इस मुद्दे का इस्तेमाल सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर हमला तेज करने के लिए किया और आरोप लगाया कि ऐसी राजनीति ने बंगाल को असुरक्षित बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी 'मां, माटी, मानुष' के नारे के साथ सत्ता में आयी थी, लेकिन अब 'रोटी, बेटी और माटी' खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण और असुरक्षा के कारण राज्य का सामाजिक ताना-बाना क्षतिग्रस्त हो गया है।
मामले को घुसपैठ से जोड़ते हुए श्री मोदी ने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए राज्य में घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "इसे घुसपैठिये नियंत्रित कर रहे हैं। जनसांख्यिकी बदल गयी है। बंगाली हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाया जा रहा है।"प्रधानमंत्री ने आगे तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक कारणों से हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने पर विचार किया जाता है तो तृणमूल इसका विरोध करती है।" उन्होंने कहा, "उन हिंदुओं का विरोध किया जाता है, जिन्होंने हमेशा अविभाजित बंगाल और इस देश को अपनी मातृभूमि माना है, क्योंकि उन्हें तृणमूल के वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाता। उन्होंने हमेशा अपने खुद के वोट बैंक को प्राथमिकता दी है।"श्री मोदी के अनुसार, बंगाल के कुछ हिस्सों में हुए जनसांख्यिकीय बदलाव ने असुरक्षा को गहरा दिया है और कानून-व्यवस्था को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बदलने के बाद ही स्थिति बदलेगी।
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