नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आगामी 12 और 13 सितंबर तक यहां होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस बात की आधिकारिक जानकारी दी।
इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के बीच वैश्विक आर्थिक, रणनीतिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं। श्री मोदी की इन दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। श्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ भी वार्ता का कार्यक्रम बताया जा रहा है। पश्चिम एशिया संकट के कारण बनी वैश्विक अनिश्चितता की स्थिति के बीच रूस, चीन और ईरान जैसे देशों के नेताओं के सम्मेलन में हिस्सा लेने से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है और कुछ बड़े फैसलों को लेकर दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं।
गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद चीन के राष्ट्रपति पहली बार भारत यात्रा पर आ रहे हैं। वर्ष 2020 में हुई इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गये थे और चीन के भी सैनिक बड़ी संख्या में हताहत हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में खटाश आ गयी थी।
श्री शी इससे पहले 2019 में भारत यात्रा पर आए थे। हालांकि श्री शी और श्री मोदी के बीच वर्ष 2024 के बाद से कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में मुलाकात हो चुकी है। पिछले वर्ष चीन के तियांजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी। दोनों नेता अभी कुछ दिन पहले किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में भी एससीओ के शिखर सम्मेलन के दौरान भी मिले थे।
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